परिवार - (Family) :-
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परिवार समाजशास्त्र की अध्ययन की इकाई है.
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परिवार मानव जीवन की पोषिका है – C.H. कूले
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परिवार समाज की इकाई/कोशिका है – अगस्त काम्टे
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परिवार वह झुला है जिसमे भविष्य का जन्म होता
है - सिडनी ए. गोल्डस्टोन
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परिवार वह शिशुगृह है जिसमे नए प्रजातंत्र का
जन्म होता है - सिडनी ए. गोल्डस्टोन
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परिवार ही एक ऐसा समूह है जिसे मनुष्य पशु
अवस्था से अपने साथ लाया है – मैलिनोवास्की
परिवार की परिभाषाएं :-
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“परिवार ऐसे व्यक्तियों का समूह है जिसमे
सगोत्रता के सम्बन्ध होते है और जो इस प्रकार एक दुसरे के सम्बन्धी होते है.” – किंग्सले
डेविस
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“परिवार पति-पत्नी एवं बच्चो से निर्मित एक
जैविक सामाजिक इकाई है.”– इलियट और मैरिल
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“परिवार पर्याप्त निश्चित यौन सम्बन्ध द्वारा
परिभाषित एक ऐसा समूह है जो बच्चों के जनन और लालन-पोषण की व्यवस्था करता है.” –
मैकाइवर व पेज
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“परिवार एक गृहस्थ समूह है जिसमे माता-पिता और
संतान साथ-साथ रहते है. इसके मूलरूप में दंपत्ति और उसकी संतान रहती है.” – लूसी मेयर
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“परिवार एक ऐसा सामाजिक समूह है जिसके लक्षण सामान्य
निवास, आर्थिक सहयोग और जनन है.” – G.B. मरडाक
परिवार की विशेषताएं :-
मैकाइवर व पेज के अनुसार –
1.
सार्वभौमिकता
2.
भावात्मक आधार
3.
सृजनात्मक प्रभाव
4.
सीमित आकार
5.
सदस्यों का उत्तरदायित्व
6.
सामाजिक नियंत्रण
7.
अस्थायी और स्थायी प्रकृति
8.
सामाजिक संरचना में केन्द्रीय स्थिति
मैरिल व एल्द्रिज़ के अनुसार –
1.
सार्वभौमिकता
2.
संवेगात्मक
3.
प्राथमिकता
4.
उत्तरदायित्व
5.
छोटा आकर
परिवार की उत्तपत्ति के
सिद्धांत :-
1.
यौन साम्यवाद का सिद्धांत :-
इस सिद्धांत के मानने वालो में L.H.
मार्गन, फ्रेज़र और ब्रिफल्ट है. समाज के प्रारंभिक अवस्था में परिवार और विवाह
जैसी कोई संस्था नहीं थी. जो भी चाहे किसी से भी यौन सम्बन्ध स्थापित कर सकता था.
2.
पितृसत्तात्मक / शास्त्रीय सिद्धांत :-
इस सिद्धांत को मानने वालो में
प्लेटो, अरस्तू और सर हेनरी मेन है. सर्वप्रथम पितृसत्तात्मक परिवार ही विकसित हुए
थे. परिवार की उत्तपत्ति पुरुषों की सत्ता के कारण हुयी है.
3.
मातृसत्तात्मक सिद्धांत :-
राबर्ट ब्रिफाल्ट – (book – The Mother)
और टायलर . परिवार की उत्तपत्ति यौन सम्बन्ध और संतानोत्तपत्ति के बाद बच्चों का
माता के द्वारा पालन-पोषण करने से हुई.
4.
उदविकासीय सिद्धांत :-
बैकोफन (Myth, religion and mother
rights 1861) में अपने सिद्धांत को दिया जिसे बाद में LH मार्गन ने पुष्ट किया. परिवार का जन्म विकास की विभिन्न अवस्थाओं से
हुआ है-
बैकोफन के अनुसार –
1.
यौन साम्यवाद
2.
कन्याबध व बहुपति विवाह
3.
बहुपत्नी विवाह
4.
एक विवाही प्रथा का विकास
LH मार्गन के अनुसार -
1.
समरक्त परिवार
2.
समूह परिवार
3.
सिन्देस्मियन परिवार
4.
पितृसत्तात्मक परिवार
5.
एक विवाही परिवार
5. एक विवाही परिवार का
सिद्धांत :-
इस सिद्धांत के संपादक वेस्टरमार्क और मैलिनोवस्की है. परिवार की
उत्तपत्ति एक विवाह के आधार पर ही हुयी है .
· एक विवाह ही विवाह का सच्चा स्वरूप है,
रहा है,और रहेगा. – मैलिनोवस्की
परिवार के प्रकार :-
·
पिता-
o पितृसत्तात्मक परिवार – हिन्दू
o पितृवंशीय परिवार – हिन्दू
o पितृनामी परिवार –
o पितृस्थानीय परिवारम - हिन्दू, भील, खरिया
· माता-
o मातृसत्तात्मक परिवार
o मातृवंशीय परिवार
o मातृनामी परिवार
o मातृस्थानीय परिवार
· संख्यां-
o मूल या केन्द्रीय परिवार
o संयुक्त या विस्तृत परिवार :- सामान्य
संपत्ति, सामान्य संस्कृति और सामान्य निवास
§ मिताक्षरा संयुक्त परिवार
§ दायभाग संयुक्त परिवार
§ विस्तृत संयुक्त परिवार
·
विवाह-
o एक विवाही परिवार
o बहुविवाही परिवार :-
§ बहु पति विवाह – टोडा, खास, नायर,
§ बहु पत्नी विवाह – नागा, गोंड, बैंगा
राल्फ लिंटन के अनुसार –
o विवाह सम्बन्धी परिवार
o रक्त सम्बन्धी परिवार
W.L. वार्नर के अनुसार –
o जन्म मूलक परिवार
o प्रजनन मूलक परिवार
जिमर मैन के अनुसार –
o न्यासिता परिवार
o अति लघु परिवार
o घरेलू परिवार
बर्गेस और लाक के अनुसार –
o संस्थागत परिवार
o साहचर्य परिवार
लिप्ले के अनुसार –
o स्तम्भ परिवार
o पितृ सत्तात्मक परिवार
o अस्थाई परिवार
o विशिष्टीकृत परिवार
यंग और विलमोट के अनुसार –
o सममितिक / प्रतिशय परिवार
o समन्वयवादी परिवार
G. B. मरडोक के अनुसार –
o मातृ स्थानीय परिवार
o पितृ स्थानीय परिवार
o मातृ-पितृ स्थानीय परिवार
o नव स्थानीय परिवार
o मातुल स्थानीय परिवार
S.C. दुबे के अनुसार –
o पितृ स्थानीय परिवार
o मातृ स्थानीय परिवार
o नव स्थानीय परिवार
परिवार के प्रकार्य :-जार्ज पीटर मरडाक के अनुसार –
इन्होने 250
परिवारों का अध्ययन किया था . परिवार एक सार्वभौमिक संस्था है.
1.
यौन सम्बन्धी कार्य
2.
प्रजनन सम्बन्धी कार्य
3.
आर्थिक सम्बन्धी कार्य
4.
शैक्षिक सम्बन्धी कार्य
आगबर्न व निमकाफ के अनुसार –
1.
स्नेह व प्रेम सम्बन्धी कार्य
2.
आर्थिक कार्य
3.
मनोरंजन कार्य
4.
पालन-पोषण
5.
धार्मिक कार्य
6.
शिक्षा सम्बन्धी कार्य
राबर्ट बीरस्टीड के अनुसार –
1.
जीवन व अस्तित्व
2.
यौन अवसर प्रदान करना
3.
संरक्षण तथा समर्थन देना
4.
समाजीकरण
5.
पद प्रदान करना
टालकट परसन्स के अनुसार –
“आधारभूत व अपरिवर्तनीय प्रकार्य “
परिवार वह कारखाना है जहा व्यक्तित्व का उत्पादन होता है .
1.
बच्चों का प्राथमिक समाजीकरण
2.
व्यक्तित्व का स्थिरीकरण
मैकाइवर व पेज के अनुसार –
1.
यौन
सम्बन्धी प्रकार्य
2.
प्रजनन सम्बन्धी प्रकार्य
3.
पालन-पोषण / आर्थिक प्रकार्य
हरबर्ट स्पेंसर के अनुसार –
1.
यौन व्यवहार व प्रजनन प्रक्रिया का नियमन
2.
समाजीकरण
3.
सुरक्षा
4.
स्नेह
R.S. लोबी के अनुसार –
1.
यौन सम्बन्ध
2.
आर्थिक
3.
प्रजनन
4.
शिक्षा
किंग्सले डेविस के अनुसार –
1.
प्रजनन
2.
बच्चों की देख-रेख
3.
नियोजन
4.
समाजीकरण
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परिवार एक भूमिका सौदेबाजी है. – विलियम गुडे
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पति-पत्नी आपस में झगड़ते है और बच्चें विद्रोही
तेवर अपनाते है. – एडमंड लीच
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वर्त्तमान औद्योगिक समाज में परिवार संघर्ष का
एक महत्वपूर्ण स्रोत है. – एडमंड लीच
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परिवार शोषणकारी समाज में एक वैचारिकी अनुकूलन
का कार्य करती है. – डेविड कूपर
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एकान्तिक नाभिक परिवार – टालकट परसन्स
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यह संरचनात्मक अलगावीकृत होता है. – टालकट परसंस
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यह अमेरिका के औद्योगिक समाज में परिवार है. - टालकट
परसन्स
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परिवार पूंजीवादी समाज का अवलंबन है. – कार्ल
मार्क्स
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परिवार एक दमनकारी संस्था है. – वेस्टरमार्क
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एक स्त्री परिवार की अंतिम बिंदु होती है. – सर
हेनरी मेन
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यदि परिवार मनुष्य की प्राणीशास्त्रीय आवश्यकताओं
की समुचित व्यवस्था न करे तो समाज का अस्तित्व मिट जायेगा. – विलियम गूडे
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परिवार का जन्म पुरुष के आधिपत्य और इर्ष्या की
भावना के कारण हुई है. – चार्ल्स डार्विन
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मार्गन की सम्पूर्ण परिवार की संरचना पानी की
एक लकीर है. – N.W. थामस
महत्वपूर्ण पुस्तकें :-
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Marriage and family (1947) – M.F. निमकाफ
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The mothers (1927) – ब्रिफाल्ट
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Family and civilization (1947) – C.C. जिमरमैन
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The family encounters depression – R.C. एंजेल्स
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The family (1945) – बर्गेस व लाक
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The family (1964) – विलियम गूडे
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History of human marriage – वेस्टरमार्क