संस्कार :- संस्कार का तात्पर्य शुद्धि से
सम्बंधित धार्मिक क्रियाओं तथा व्यक्ति के बौद्धिक, मानसिक और वैदिक परिष्कार के
लिए किये जाने वाले अनुष्ठानों से है. संस्कार शुद्धिकरण की एक प्रक्रिया है.
संस्कारों की
संख्यां 16 है-
3
जन्म के पहले के संस्कार – 1 गर्भाधान, 2 पुंसवन (पहले मास में), 3
समंतोंनयन
13
जन्म के बाद संस्कार – 4 जातकर्म, 5 नामकरण, 6 निष्क्रमण (4 मास के बाद), 7 अन्न
प्राशन (6 मास), 8 चुडा कर्म (1 – 3 वर्ष), 9 कर्णभेद, 10 विद्यारम्भ, 11 उपनयन,
12 वेदारम्भ, 13 केशांत, 14 समावर्तन, 15 विवाह, 16 अन्तेष्ठी.
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