सामाजिक परिवर्तन :-
समाज का विभाजन –
समाजशास्त्री सरल समाज जटिल समाज
हेनरी मेन Status Contract
LH मार्गन Societas Civitas
H Spencer Militant Industrial
F Tonnies Gemeinschoft
(समुदाय) Gesellschoft
(समाज)
E Durkheim Mechanical Organic
Max Weber Traditional Rational
(Bureaucratocs)
Levis A Coser Closed Society Open
Society
Sources of Social Change :-
1.
Discovery, 2. Invention, 3.
Diffusion, 4. Internal Differentiation
उद्विकास :-
o साधारण से जटिल
o उद्विकास विकास से आगे स्तर की चीज है.
– मैकाईबर और पेज
उद्विकास की कोई निश्चित दिशा नहीं होती है. यह आकर में ही नहीं वरन संरचना में भी विकास है. उद्विकास का अर्थ है सरलता से और अधिक जटिलता की ओर . यह मूल्य के निरपेक्ष परिवर्तन हैं.
प्रगति :- यह एक योजनाबद्ध तरीके का सामाजिक परिवर्तन
हैं.जब परिवर्तन इच्छित दिशा में होती है तब वह परिवर्तन प्रगति कहलाता है.यह
मूल्य के सापेक्ष परिवर्तन है.
विकास :- विकास किसी वस्तु की शक्ति में धीरे-धीरे होने
वाले परिवर्तन का सूचक है.
· विकास एक ऐसी प्रक्रियां है जिससे सभी समाज गुजरते है. – होंब हॉउस
क्रांति :- “क्रांति को राज्य-शक्तियों का जन आन्दोलन
नेताओं के द्वारा हिंसात्मक तरीकों से जबरदस्ती हड़पने के प्रयास के तरीकों के रूप
में परिभाषित किया जा सकता है. जहा पुनः उस शक्ति का प्रयोग वृहद् सामाजिक सुधार
के लिए किया जाता है. “ – एंथोनी गिडेंस
· क्रांति एक राजनीतिक परिवर्तन है जिसका मुख्य आधार हिंसा है.
सामाजिक परिवर्तन के करक – (Factors of social Change) :-
1. भौतिक पर्यावरण (Physical Environment)
2. राजनीतिक संगठन (Political Organisation)
3. सांस्कृतिक करक (Cultural factors)
4. जैविक करक (Biological Factors)
Theories of Social Change – सामाजिक परिवर्तन के सिद्धांत :-
1.
उदविकासीय सिद्धांत –
- रेखीय उद्विकास – अगस्त काम्टे, हरबर्ट स्पेंसर, LH मार्गन और TL हाब हॉउस
- बहु रेखीय उद्विकास (नव उद्विकासवादी )- गार्डन चाइल्ड, लेस्ली White, झ स्तुवर्ड, WF आगबर्न
4.
प्रकार्यावादी सामाजिक परिवर्तन का सिद्धांत –
हरबर्ट स्पेंसर, एमाइल दुर्खाइम, B मैलिनोवस्की, AR रेड्क्लिफ्ब्राउन
5.
आलोचनावादी सामाजिक परिवर्तन का सिद्धांत –
मैक्स होर्खाईमर, जोर्ज लुकाक्स, एडार्नो, हैबरमास
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